Google Pay और PhonePe यूजर्स सावधान! एक गलती और खाली हो जाएगा खाता (New Scam Alert)

UPI Scam Alert 2025: क्या आप भी Google Pay, PhonePe या Paytm का इस्तेमाल करते हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले कुछ महीनों में भारत में ‘Digital Arrest’ और ‘Screen Sharing’ फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं।

जरा सोचिए, आपके पास एक वीडियो कॉल आता है, सामने पुलिस की वर्दी में कोई बैठा है और कहता है— “आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में आया है, हम आपको डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं।” डर के मारे आप वो सब कर देते हैं जो वो कहते हैं, और पल भर में आपकी जिंदगी भर की कमाई गायब हो जाती है।

आज इस आर्टिकल में हम आपको इस नए स्कैम के तरीके और इससे बचने के उपाय बताएंगे। सावधानी ही बचाव है!


क्या है ‘Digital Arrest’ स्कैम? (नया तरीका)

साइबर ठगों ने लूटने का एक नया तरीका निकाला है जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जा रहा है। इसमें ठग खुद को पुलिस, सीबीआई (CBI) या कस्टम ऑफिसर बताकर आपको वीडियो कॉल करते हैं।

  • The Trap (जाल): वो कहते हैं कि आपके आधार कार्ड से कोई अवैध पार्सल भेजा गया है या ड्रग्स पकड़े गए हैं।
  • The Fear (डर): वो आपको डराते हैं कि अगर आपने अभी पैसे ट्रान्सफर नहीं किये, तो पुलिस आपके घर आ जाएगी।
  • Reality: याद रखें, भारतीय कानून में ‘Digital Arrest’ जैसा कुछ नहीं होता। पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती।

Screen Sharing Apps से रहें दूर

दूसरा सबसे आम तरीका है—स्क्रीन शेयरिंग। कई बार ‘KYC अपडेट’ या ‘बिजली बिल भरने’ के बहाने ठग आपसे आपके मोबाइल में कुछ ऐप्स डाउनलोड करवाते हैं।

खतरनाक ऐप्स की लिस्ट:

  • AnyDesk
  • TeamViewer
  • QuickSupport

अगर आपने किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ये ऐप्स डाउनलोड किए और 9-डिजिट का कोड शेयर किया, तो वो दूर बैठे-बैठे आपका मोबाइल कंट्रोल कर लेंगे और OTP पढ़कर खाता खाली कर देंगे।

💡 स्मार्ट टिप: अपनी मेहनत की कमाई को स्कैमर्स को देने से अच्छा है कि उसे सही जगह निवेश करें और बढ़ाएं। कम पैसों में शुरुआत कैसे करें? यहाँ पढ़ें:
Best Investment Options Under 500 Rupees: ₹500 से भी कम में निवेश शुरू करने के 5 तरीके


बचाव के 5 सुनहरे नियम (Safety Tips)

अगर आप अपनी जमा-पूंजी सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बातों को गांठ बांध लें:

  1. कॉल काट दें: अगर कोई खुद को पुलिस बताकर वीडियो कॉल करे और पैसों की मांग करे, तो तुरंत फोन काट दें।
  2. स्क्रीन शेयर न करें: किसी भी कस्टमर केयर वाले के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।
  3. PIN शेयर न करें: याद रखें, पैसा प्राप्त (Receive) करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। PIN सिर्फ पैसा भेजने के लिए होता है।
  4. लिंक पर क्लिक न करें: “आपको ₹2000 का कैशबैक मिला है”—ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
  5. Helpline 1930: अगर आपके साथ फ्रॉड हो जाए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

टेक्नोलॉजी जितनी आसान है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है अगर सावधानी न बरती जाए। इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

क्या आपके पास भी कभी ऐसा फर्जी कॉल आया है? कमेंट में अपना अनुभव साझा करें ताकि दूसरे लोग बच सकें।

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